NCERT Notes कैसे तैयार करे class 6 to 12 तक सभी books का । Class 6 geography chapter 2

NCERT Notes कैसे तैयार करे class 6 to 12 तक सभी books का । Class 6 geography chapter 2

Hello friends स्वागत है, आपका अपने website (upscshivshankar.com) पर मैं आपको इस website पर upsc या psc से रिलेटेड सभी ncert यानी 6 क्लास से 12th क्लास तक सभी विषय का संपूर्ण फैक्ट के साथ मिल जाएगा। तो आइए 6 क्लास से ncert को शुरुआत करते हैं और 12 क्लास तक सभी विषय के बारे में समझते हैं अभी इस blog में आपको 6 क्लास का भूगोल विस्तार रूप में देखने को मिलेगा।

सबसे पहले जान लेते हैं 6 क्लास के भूगोल में 8 टॉपिक होते हैं जिसे नीचे लिखा गया है।

  • 1 सौरमंडल में पृथ्वी
  • 2. ग्लोब: अक्षांश एवं देशांतर
  • 3. पृथ्वी से गतियां
  • 4. मानचित्र
  • 5. पृथ्वी के प्रमुख परिमंडल
  • 6. पृथ्वी के प्रमुख स्थलमंडल
  • 7. हमारा देश भारत
  • 8. भारत के जलवायु वनस्पति तथा वन्य प्राणी

सौरमंडल को देखने के लिए ऊपर वाले लिंक पर क्लिक कर सकते हैं तो चलिए इसमें चलते हैं दूसरा पर यानी ग्लोब अक्षांश एवं देशांतर की तरफ:–

2. ग्लोब : अक्षांश एवं देशांतर

ग्लोब में आगे बढ़ने से पहले मैं बता दूं कि ग्लोब में अक्षांश और देशांतर के बारे में पढ़ना है और उनसे भी पहले कुछ point को जानना बहुत आवश्यक है तो चले हम उन्हीं point के तरफ चलते हैं और आप लोग एक-एक करके देखेंगे समझेंगे और सोचने का प्रयास करेंगे।

  • ग्लोब स्थित नहीं होता है
  • मुगलों प्रदेशों महाद्वीपों तथा तथा महासागरों को उनके सही आकार में दिखाया जाता है
  • ग्लोब को देखने पर एक सुई ग्लोब में झुकी ही अवस्था में स्थित होती है जिसे अक्ष कहा जाता है और ग्लोब पर वे दो बिंदु जिनसे होकर सुई गुजरती है वह उत्तर तथा दक्षिण पूर्व है।
  • एक और काल्पनिक रेखा काल्पनिक रेखा ग्लोब को दो भागों में बढ़ता है जिसे विषुवत वृत कहा जाता है।
  • विषुवत वृत से धुर्बो तक स्थित सभी समानांतर वृतो को अक्षांश यानी समानांतर रेखा कहा जाता है। अक्षांशों को अंश में मापा जाता है।
  • 90 अंश दक्षिणी अक्षांश दक्षिण ध्रुव को दर्शाता है और 90 अंश उत्तरी अक्षांश उत्तर ध्रुव को दर्शाता है।

अब आइए ग्लोब के अंदर चलते हैं और महत्वपूर्ण अक्षांश देशांतर और पृथ्वी के ताप और बहुत सारी चीजें जैसे देशांतर और समय मानक समय और उसी तरह से बहुत important चीज सब सीखने को मिलेगा तो फिर आगे चलते हैं।

महत्वपूर्ण अक्षांश (समानांतर) रेखाएं: , पृथ्वी के ताप कटिबंध

विषुवत वृत्त (0 डिग्री), उत्तर ध्रुव (90 डिग्री उत्तर), तथा दक्षिण ध्रुव (90 डिग्री दक्षिण) इसके अलावा चार और महत्वपूर्ण अक्षांश 1, उत्तर गोलार्ध में कर्क रेखा (23:30 डिग्री उत्तर), 2 दक्षिणी गोलार्ध में मकर रेखा ( 23 : 30 डिग्री दक्षिण) 3. विषुवत वृत के (साढ़े 66 डिग्री उत्तर में उत्तर ध्रुव वृत, 4. विषुवत रेखा के साढ़े 66 डिग्री दक्षिण में दक्षिण ध्रुव वृत्त। पृथ्वी के ताप कटिबंध : सूर्य 1 वर्ष में कर्क रेखा एवं मकर रेखा के बीच के सभी अक्षांशों पर दोपहर में सिर के ठीक ऊपर होता है यही कारण है की सबसे अधिक ऊष्मा प्राप्त होता है उसी टाइम । उसे उष्णकटिबंधीय भी कहा जाता है।

ध्रुव की तरफ सूरज की किरणे तिरछी होती है। इसी प्रकार उत्तरी गोलार्ध में कर्क रेखा एवं उत्तर ध्रुव तथा दक्षिणी गोलार्ध में मकर रेखा एवं दक्षिण ध्रुव वृत्त के बीच वाले क्षेत्र का तापमान मध्य रहता है इसीलिए इन्हें शीतोष्ण कटिबंध कहा जाता है।

अब आइए देशांतर क्या है उसके बारे में जानते हैं और उसी में देशांतर का समय भी जानेंगे मानक का समय भी जानेंगे और कुछ अगर समझने का चीज होगा तो वह भी जानने का प्रयास करेंगे चलिए आगे चलते हैं।

ग्रीनविच जहां ब्रिटिश राजकीय वेधशाला स्थित है, से गुजरने वाली याम्योत्तर उत्तर से पूर्व और पश्चिम की ओर गिनती शुरू की गई इसी याम्योत्तर को प्रमुख याम्योत्तर कहते हैं इसका मान 0 डिग्री देशांतर है तथा यहां से हम 180 डिग्री पूर्व या 180 डिग्री पश्चिम तक गणना करते हैं प्रमुख याम्योत्तर तथा 180 डिग्री याम्योत्तर मिलकर पृथ्वी को दो समान भागों में पूर्वी गोलार्ध एवं पश्चिमी गोलार्ध में विभक्त करती है।

देशांतर और समय

समय को मापने का सबसे अच्छा साधन पृथ्वी चंद्रमा एवं ग्रह की गति है। पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाती है स्थान जो ग्रीनिच के पूर्व में है उसका समय ग्रीनिच समय से आगे होगा तथा जो पश्चिम में है उसका समय पीछे होगा। पृथ्वी लगभग 24 घंटा में अपने अक्ष पर 360-degree घूमती है अर्थात एक घंटा में 15 डिग्री एवं 4 मिनट में 1 डिग्री घूमती है।

आइए अब मानक समय के बारे में जान लेते हैं और उसके बाद क्वेश्चन आंसर के तरफ चलेंगे–

देश के मध्य भाग से होकर गुजरने वाली किसी याम्योत्तर के स्थानीय समय को देश का मानक समय माना जाता है। भारत में साढ़े 82 डिग्री पूर्व को मानक याम्योत्तर माना गया है इस याम्योत्तर के स्थानीय समय को पूरे देश का मानक समय माना जाता है इसे भारतीय मानक समय के नाम से जाना जाता है।भारत ग्रीनिच के पूर्व साढ़े 82 डिग्री पूर्व में स्थित है तथा यहां का समय ग्रीनिच समय से 5 घंटा 30 मिनट आगे है।

कुछ देशों का देशांतरीय विस्तार अधिक होता है जिसके कारण वहां एक से अधिक मानक समय अपनाए गए हैं उदाहरण के लिए रूस में 11 मानक समयों को अपनाया गया है पृथ्वी को एक 1 घंटे वाले 24 समय क्षेत्रों में बांटा गया है। इस प्रकार प्रत्येक समय क्षेत्र 15 डिग्री देशांतर तक के क्षेत्र को घेरता है।

समापन

आशा करता हूं आप लोग इसमें जो भी हम बताए हैं समझ गए होंगे और आप लोग इसमें ग्लोब के बारे में यानी देशांतर ,अक्षांश, समय ,मानक समय इन सभी चीजों के बारे में ज्ञान अर्जित किए अब हम लोग उन सभी चीजों को याद करके कुछ प्रश्न की ओर चलते हैं जिसमें

Note:

आपको दो प्रश्न का जवाब खुद ढूंढना है और उसके आगे का प्रश्न आंसर की साथ रहेगा तो चलिए फिर चलते हैं प्रश्न की ओर।

समय को मापने का सबसे अच्छा तरीका क्या सब है ?

…..

पृथ्वी अपने अक्ष पर एक घंटा में लगभग कितने डिग्री घूमती है?

……

ग्रीड किसका जाल है?

अक्षांशों (समानांतर) रेखाओं एवं देशांतरीय याम्योत्तर का

शीत कटिबंध किसके नजदीक पाया जाता है?

ध्रुवों के नजदीक

दक्षिण ध्रुव वृत कहां स्थित है?

दक्षिणी गोलार्ध में

प्रमुख याम्योत्तर का मान कितना है?

0 डिग्री

देशांतर की कुल संख्या कितनी है?

360

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BY E.r SHIVSHANKAR YADAV
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