NCERT भूगोल कक्षा 6 नोट्स कैसे बनाएं? जबरदस्त वैज्ञानिक तरीका अभी जानें।

NCERT भूगोल कक्षा 6 नोट्स ऐसे बनाएं।

हेलो दोस्तों स्वागत है आपके अपने इस website upsc shivshankar.com पर आप लोगों को इस blog में class 6 geography का chapter 3 के बड़े में जानकारी मिलेगी और आपको अगर अध्याय 1अध्याय 2 का जानकारी चाहिए तो नीचे लिंक पर क्लिक कर सकते हैं तो चलिए हम लोग आगे चलते हैं अध्याय 3 के तरफ उससे पहले मैं कुछ –कुछ विशेष जानकारी भी बता दूं।

Geography class 6 में कुल अध्याय आज है और हम लोग इसमें अध्याय 3 के बारे में जानेंगे।

  • 1 सौरमंडल में पृथ्वी
  • 2 ग्लोब अक्षांश एवं देशांतर
  • 3 पृथ्वी की गतियां
  • 4 मानचित्र
  • 5 पृथ्वी के प्रमुख परिमंडल
  • 6 हमारा देश भारत
  • 7 पृथ्वी के प्रमुख स्थल मंडल
  • 8 भारत की जलवायु

3 पृथ्वी की गतियां

पृथ्वी की गति दो प्रकार की है– घूर्णन एवं परिक्रमण ( जब पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती है तो उसे घूर्णन कहा जाता है और वही पृथ्वी जब सूर्य के चारों ओर एक स्थिर कक्ष में गति करती है तो उसे परिक्रमण कहते हैं) पृथ्वी सूर्य से प्रकाश ग्रहण करती है और वह गोलाकार है। एक बार में सूर्य का प्रकाश पूरा पृथ्वी पढ़ना पर के आधे पृथ्वी पर पड़ता है और आधार अंधकार से ढका रहता है। गर्ल और यानी पृथ्वी पर वह वृत्त जो दिन तथा रात को विभाजित करता है उसे प्रदीप्ति वृत्त कहते हैं

पृथ्वी पर दिन और रात घूर्णन के कारण होता है। पृथ्वी अपने अक्ष पर एक चक्कर पूरा करने में लगभग 24 घंटा का समय लगाता है। प्राचीन भारतीय खगोल शास्त्री आर्यभट्ट ने बताया था कि पृथ्वी गोल है और अपने अक्ष पर घूर्णन यानी घूमती है। अब आइए कुछ सवाल जवाब की तरफ चलते हैं कुछ प्रश्न आपसे पूछेंगे और आप इनका जवाब सोचकर देंगे उसके बाद आगे बढ़ते हैं।

पृथ्वी पर दिन किसके कारण होता है?

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सूरज की सीधी किरणें विषुवत वृत्त पर किस दिन पड़ती है?

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पृथ्वी की प्रतिदिन की गति को क्या कहते हैं?

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उस वृत्त का क्या नाम है जो ग्लोब को दिन तथा रात में विभाजित करता है?

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अब आइए आगे बढ़ते–

पृथ्वी 1 वर्ष या 365 दिन और घंटा में सूर्य का एक चक्कर लगाती है। और सभी भारतवासी सुविधा के लिए 1 वर्ष में 365 दिन मानते हैं। और वही बचा होगा 6 घंटा 4 वर्ष में मिलकर 24 घंटा हो जाता है यानी एक दिन का निर्माण हो जाता है। इस प्रकार प्रत्येक 14 वर्ष फरवरी माह 28 दिन के बदले 29 दिन का होता है और ऐसा वर्ष जिसमें 366 दिन होते हैं उसे लीप वर्ष कहा जाता है

पृथ्वी पुरे अक्ष में एक ही दिशा में झुकी हुई रहती है। 1 वर्ष को गर्मी सर्दी बसंत एवं परंतु में बांटा जाता है और प्रीत वह में परिवर्तन सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की स्थिति में परिवर्तन के कारण होता है। 21 जून को उत्तरी गोलार्ध की तरफ झुका हुआ रहता है। सूरज की किरने कर्क रेखा पर सीधी पड़ती है। यही कारण है कि उस क्षेत्र में ऊष्मा अधिक प्राप्त होता है।

जहां ध्रुव रहते हैं उसके आस–पास के क्षेत्र में कम ऊष्मा प्राप्त होता है क्योंकि वह सूर्य की किरणे तिरछी पड़ती है। 21 जून को उत्तरी धूर्त में सबसे लंबा दिन तथा सबसे छोटी रात होती है। 22 दिसंबर को दक्षिणी ध्रुव सूर्य की ओर झुके होने के कारण मकर रेखा पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ती है। क्यों सूर्य की किरने मकर रेखा पर लंबवत परती है। दक्षिणी गोलार्ध में लंबे दिन तथा छोटी रात वाली ग्रीष्म ऋतु होती है।

21 मार्च एवं 23 सितंबर को सूर्य की किरणें विषुवत वृत्त पर सीधी पड़ती है। इस अवस्था में कोई भी धर्म सूर्य की ओर नहीं झुका होता है इसीलिए पूरी पृथ्वी पर रात एवं दिन बराबर होता है इसे विषुव ( visuv) कहा जाता है।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल के अंदर हम लोग पृथ्वी के गति के बारे में विस्तार पूर्वक समझे हैं और आगे पृथ्वी से संबंधित कुछ और तथ्य समझने का प्रयास करेंगे अभी तक पृथ्वी के गति के बारे में जो भी कुछ लिखकर समझाया गया है उम्मीद करता हूं आपको समझ में आया होगा अगर आप नहीं भी समझे हैं तो आप कमेंट करके बता सकते हैं और आर्टिकल पढ़कर समझने में अच्छा लगा है तो प्लीज इसे शेयर जरूर करें और हमारे साथ जुड़े रहने के लिए हमारे वेबसाइट का नोटिफिकेशन ऑन जरूर करें धन्यवाद आप अपना कीमती समय देने के लिए।

BY E.r SHIVSHANKAR YADAV
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